भावार्थ:
भगवान् श्रीकृष्ण स्वयं ही स्पष्ट कहते हैं कि, क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ का जो विज्ञान है उसका वर्णन ऋषियों द्वारा, शास्त्रों में, वेदों में पूर्व में भी विस्तार से हुआ है।
मैं इसको पुनः संक्षेप में व्यक्त करता हूँ।
धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]
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