भावार्थ:
वर्षा होने का जो विज्ञान है, कारण है इसका वर्णन इस श्लोक में किया है।
जो व्यक्त है, साकार है, वह भी परमात्मतत्व है। और जो मूल अव्यक्त तत्व, साकार-व्यक्त के होने का कारण है, वह भी परमात्मतत्व है। जीवन और मृत्यु का कारण भी परमात्मतत्व ही है।
धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]
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