भावार्थ:
हे पुरुषोत्तम! यह ब्रह्म क्या है? अर्थात् ब्रह्म शब्द से क्या समझना चाहिये?
अध्यात्म क्या है?
कर्म क्या है?
आपने जो अधिभूत शब्द कहा है उसका क्या तात्पर्य है?
अधिदैव किसको कहा जाता है?
अधियज्ञ शब्द से किस प्रकार की क्रिया को लेना चाहिये।
हे मधुसूदन जो पुरुष वशीभूत अन्तःकरणवाले हैं अर्थात् जो संसारसे सर्वथा हटकर अनन्यभावसे केवल आपमें ही लगे हुए हैं उनके द्वारा अन्तकालमें आप कैसे जाननेमें आते हैं अर्थात् वे आपके किस रूपको जानते हैं और किस प्रकारसे जानते हैं।
धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]
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