भावार्थ:
निंद्रा अवस्था में जो संसार अव्यक्त था, वह जाग्रत अवस्था (दिन) में व्यक्त हो जाता है। रात होने पर, अर्थात निंद्रा में यह चराचर जगत् पुनः अव्यक्त हो जाता है।
अतः मनुष्य के लिये यह संसार व्यक्त इन्द्रियों के कारण ही है।
धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]
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