भावार्थ:
त्याग और संन्यास शब्दका जो वाच्यार्थ है वह एक ही है, इसी अभिप्राय से केवल त्याग क्या है इसका निश्चित विचार भगवान श्री कृष्ण प्रस्तुत करते हैं।
मनुष्य के सभी कार्यो को तीनों गुण प्रभावित करते हैं, अतः त्याग के भी तीन भाग हैं।
धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]
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