भावार्थ:
सम्पूर्ण श्रीमद भागवत गीता में जो योग साधना का वर्णन हुआ है, जो मनुष्य जीवन को उत्कर्ष प्रदान करने वाली है, समाज कल्याण के लिये है, और परमात्मा की प्राप्ति कराने वाली है उस सम्पूर्ण साधना ज्ञान को संक्षेप में अगले तीन श्लोक में वर्णन करते है।
धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]
Read More